Showing posts with label contribution. Show all posts
Showing posts with label contribution. Show all posts

September 18, 2011

एक बेरोजगार की आह...

क्यूँ पूछते हो मुझसे तुम ?
वही सवाल बार बार


बस थोडा थक गया हूँ,
नहीं मानी है पूरी हार

कल तक कहा 'चैम्प' मुझे

अब कहते हो,हूँ मैं बेकार

अब तकल्लुफ बस करो,
मत पूछो ये मुझसे यार

लो मैं ये खुद कहता हूँ,
हाँ ! हाँ ! हूँ मैं 'बेरोज़गार'.




--कात्यायन पाण्डेय "घायल"